मंगलवार, 18 सितंबर 2012

vishishtha yog

विशिष्ठयोग :

आज कई लोग योगाभ्यास करने के बावजूद पूरे नीरोगी एवं लाभान्वित क्यों नहीं हो पा रहे हैं? इस सम्बन्ध में पूछने पर पूज्य श्री गुरुदेव कहते हैं :
जिस प्रकार पाँचो ऊँगलियाँ समान नही होती है, ठीक उसी प्रकार योगाभ्यास भी सभी व्यक्तियों के लिए समान समय सीमा तक नहीं कराया जा सकता एवम विशिष्ठ बीमारियों के निदान हेतु विशिष्ठ योग जरुरी है |”

इसीलिए पूज्यश्री ने विशिष्ठ योग की खोज की, जिससे गजब के परिणाम आते है | योग से नाडीयाँ जागृत एवं शुद्ध होती है तत्पश्चात तुरंत तत्सम्बन्धित रोगों के आयुर्वेदिक् काढे पिने से शीघ्र लाभ, कुछ ही दिनों में होता है | ऐसे कई असाध्य रोगी जो कई छोटी बड़ी व्याधियों (बीमारीयों) से पीड़ित थे और अनेक वर्षों से उपचार कराने के बाद भी निराश थे ऐसे असंख्य रोगी पू. गुरुदेवश्री के विशिष्ठ योग, आयुर्वेद शिविरों में लाभान्वित हुऐ है |
गंगोत्री के महान योगिराज
राष्ट्रसंत स्वामी रामेश्वरमजी महाराज
"श्री तन्मय धाम" नजदीक ग्राम थापना-ओम्कारेश्वर (मध्य प्रदेश)
मो. : ९६१९१७६८७४ / ९४०६६१६३२८
योग प्राणायाम, व आयुर्वेदिक काढों ‌‍ का सेवन प्रतिदिन प्रातः ५.३० बजे से ७.३० बजे तक एवं सांय ७.०० बजे से ८.३० बजे तक सत्संग, ध्यान मंत्रसाधना |
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